How Much You Need To Expect You'll Pay For A Good Mangalwar



लौंग से वशीकरण :लड़की हो या स्त्री दौड़ी दौड़ी चली आएगी

वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे।

जिसके कारण यह कुछ राशियों को शुभ फल देता है तो कुछ राशियों को अशुभ फल देता है और अगर आध्यात्मिक की दृष्टि से देखा जाए तो ग्रहण काल का समय साधकों के लिए किसी प्रकार के वरदान से कम नहीं होता है.

अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें। 

जब ऐसा हो जाता है तो कहते हैं कि मंत्र सिद्ध हो गया। ऐसा मंत्र को लगातार जपते रहने से होता है। यदि आपका ध्यान इधर, उधर भटक रहा है तो फिर मंत्र को सिद्ध होने में भी विलंब होगा। कहते हैं कि 'करत-करत अभ्यास से जडमति होत सुजान। रसरी आवत-जात से सिल पर पड़त निसान॥'

मन्त्र ज्यो शत्रु भयो। डाकिनी वायो, जानु वायो।

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किसी भी साधक को अगर सिद्ध किया हुआ यंत्र चाहिए तो वो हमारा कॉन्टैक्ट कर सकता हे और मंगवा सकता हे

ऐसे भी कई मंत्र होते हैं जिनमें किसी बाधा को दूर करने की क्षमता होता है तो उन्हें जपने से वे बाधाएं दूर हो जाती है। 'मंत्र साधना' भौतिक बाधाओं का आध्यात्मिक उपचार है। यदि आपके जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या या बाधा है तो उस समस्या को मंत्र जप के माध्यम से हल कर सकते हैं।

गुरु के सिवा किसी भी अन्य व्यक्ति से साधना सम्बन्धी कोई बात न करें। 

साधना के दौरान ब्रह्मचर्य का पूर्ण पालन अवश्य करें।

जप काल में भोग आदि सामग्री, फल-फूल, मिठाई आदि ताजा एवं शुद्ध होनी चाहिए।

साधना काल में शुद्ध देशी घी का अखण्ड दीपक जलायें।

मंत्र साधना और जप के चमत्कारिक लाभ, जानिए...

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